क्या आपने कभी सोचा है कि अगर किसी बहुमंजिला इमारत (High-Rise Building) में अचानक आग लग जाए, तो लोगों को तुरंत सुरक्षित रखने के लिए कौन-सा स्थान सबसे अहम भूमिका निभाता है?
सरल शब्दों में, Refuge Area एक ऐसा सुरक्षित Safe Zone होता है जहाँ आग या धुएँ की स्थिति में लोग अस्थायी रूप से शरण ले सकते हैं, जब तक कि दमकल विभाग (Fire Brigade) द्वारा रेस्क्यू नहीं किया जाता।
National Building Code (NBC) 2016 के अनुसार, ऊँची इमारतों में Refuge Area का प्रावधान केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि एक कानूनी और जीवन-रक्षक आवश्यकता है।
extinguisherhub.com के इस विस्तृत गाइड में आप जानेंगे — NBC के अनुसार Refuge Area के नियम, इसकी सही गणना (Calculation), डिजाइन से जुड़ी जरूरी बातें और एक बिल्डिंग मालिक या फ्लैट खरीदार के रूप में आपको किन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
Refuge Area क्या है? (परिभाषा और महत्व)
आसान शब्दों में रिफ्यूज एरिया का मतलब
Refuge Area किसी भी ऊँची इमारत में बनाया गया एक सुरक्षित खुला स्थान होता है, जहाँ आग या अन्य आपातकालीन स्थिति में लोग अस्थायी रूप से सुरक्षित रह सकते हैं।
यह एरिया आमतौर पर सीढ़ियों या फायर एस्केप के पास दिया जाता है ताकि धुएँ और आग से बचते हुए लोग जल्दी यहाँ पहुँच सकें।
Refuge Area Meaning in Hindi & Marathi
Hindi में:
Refuge Area का मतलब है
आपातकालीन सुरक्षित शरण क्षेत्र।
Marathi मध्ये:
Refuge Area म्हणजे
आपत्कालीन परिस्थितीत लोकांना तात्पुरते सुरक्षित ठेवण्यासाठी दिलेली जागा।
आपातकाल में रिफ्यूज एरिया का क्यों है महत्व?
जब आग लगती है और तुरंत सीढ़ियों से नीचे उतरना संभव नहीं होता, तब Refuge Area लोगों को सुरक्षित सांस लेने का समय देता है।
यह फायर ब्रिगेड को rescue operation के दौरान लोगों की स्थिति पहचानने में भी मदद करता है।
Refuge Area कोई optional सुविधा नहीं है। यह ऊँची इमारतों में life-saving fire safety provision मानी जाती है।

National Building Code (NBC 2016) के अनुसार रिफ्यूज एरिया के प्रमुख नियम
कितनी ऊंचाई (24m+ / 7+ मंजिल) वाली बिल्डिंग में यह अनिवार्य है?
भारत में National Building Code (NBC) 2016 के अनुसार, हर वह इमारत जिसकी ऊंचाई 24 मीटर से अधिक है, उसमें Refuge Area का होना अनिवार्य है। आमतौर पर यह 7वीं मंजिल के आसपास शुरू होता है।
जैसे DGCA के नए पावर बैंक नियम विमान सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, वैसे ही रिफ्यूज एरिया नियम बिल्डिंग फायर सेफ्टी के लिए अनिवार्य माने जाते हैं।
हर कितने फ्लोर के बाद रिफ्यूज एरिया होना चाहिए?
NBC के अनुसार पहला रिफ्यूज एरिया 24 मीटर की ऊंचाई पर दिया जाना चाहिए। इसके बाद हर 15 मीटर (लगभग हर 7वें फ्लोर) पर एक अतिरिक्त रिफ्यूज एरिया आवश्यक होता है।
15 मीटर वर्टिकल अंतराल का उद्देश्य क्या है?
आग लगने की स्थिति में धुआं और गर्मी तेजी से ऊपर की ओर फैलती है। 15 मीटर का यह अंतराल लोगों को सुरक्षित फ्लोर पर शरण लेने के लिए जरूरी समय देता है।
Residential और Commercial बिल्डिंग्स में अंतर
Residential इमारतों में रिफ्यूज एरिया आमतौर पर फ्लोर एरिया का लगभग 4% होना चाहिए। Commercial बिल्डिंग्स में भीड़ और जोखिम को देखते हुए नियम और कड़े हो सकते हैं।
अधिकृत तकनीकी जानकारी के लिए Bureau of Indian Standards (BIS) की आधिकारिक गाइडलाइन्स देखी जा सकती हैं।
रिफ्यूज एरिया तक जाने वाले रास्ते हमेशा अनलॉक, साफ और बाधा-मुक्त होने चाहिए। Emergency के समय blocked access सबसे बड़ी जानलेवा गलती साबित होती है।

Refuge Area Calculation: इसकी गणना कैसे की जाती है?
Refuge Area केवल एक open space नहीं होता, बल्कि इसकी calculation National Building Code (NBC) के specific logic पर आधारित होती है। गलत calculation audit objection और approval delay का मुख्य कारण बनती है।
4% बिल्ट-अप एरिया का स्टैंडर्ड फॉर्मूला (उदाहरण सहित)
NBC के अनुसार, refuge area का साइज आमतौर पर उस फ्लोर के total built-up area का लगभग 4% रखा जाता है।
- अगर किसी फ्लोर का built-up area = 1000 sq.m
- तो refuge area ≈ 40 sq.m
- यह एरिया open-to-sky या adequately ventilated होना चाहिए
यह calculation इसलिए रखी जाती है ताकि आपातकाल में उस फ्लोर के occupants कुछ समय के लिए सुरक्षित रूप से रुक सकें।
क्या रिफ्यूज एरिया FSI (Floor Space Index) में शामिल होता है?
अधिकांश state bye-laws और NBC intent के अनुसार, properly designed refuge area को FSI में include नहीं किया जाता।
- Refuge area का commercial या residential use नहीं होना चाहिए
- Permanent enclosure या illegal conversion audit में reject हो जाती है
- Local authority की final interpretation decisive होती है
इसलिए design stage पर local fire department और planning authority से clarification लेना safest practice मानी जाती है।
न्यूनतम और अधिकतम साइज की क्या सीमा है?
Refuge area का साइज न तो बहुत छोटा हो सकता है और न ही उसे extra usable space की तरह बढ़ाया जा सकता है।
- Minimum size: occupants को खड़े होने और move करने लायक
- Maximum size: only safety purpose तक सीमित
- Overdesign करने पर भी authority objection दे सकती है
Refuge area की calculation तभी valid मानी जाती है जब वह on-site measurable, obstruction-free और original approved drawing से match करती हो।
| नियम (Rule) | NBC 2016 की गाइडलाइन |
|---|---|
| ऊंचाई (Height) | 24 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों में अनिवार्य। |
| पहला रिफ्यूज एरिया | 24 मीटर की ऊंचाई के बाद पहले फ्लोर पर। |
| अगला रिफ्यूज एरिया | हर 15 मीटर (या 7वें फ्लोर) के बाद। |
| एरिया साइज (Area Size) | फ्लोर एरिया का कम से कम 4% हिस्सा। |
| उपयोग (Usage) | केवल आपातकालीन स्थिति के लिए (No Storage). |
Refuge Area Layout और डिजाइन गाइडलाइन्स
Refuge Area केवल provide करना ही पर्याप्त नहीं होता, उसका layout, location और access design audit approval और real emergency usability के लिए सबसे ज्यादा critical माना जाता है।
Typical Floor Plan with Refuge Area Marking (Diagram)
Approved drawings में refuge area को clearly marked और dimensioned दिखाना जरूरी होता है।
- Refuge area को bold outline या अलग hatch pattern में दिखाया जाए
- उस पर “REFUGE AREA – DO NOT USE” जैसी notation हो
- Fire escape stair और lift lobby से इसका relation clear हो
Design stage पर यह marking नहीं होने पर fire department अक्सर drawing revision मांगता है, जिससे project approval delay हो जाता है।
सही लोकेशन कैसे चुनें? (बालकनी, टेरेस या अलग सेल?)
NBC intent के अनुसार refuge area ऐसा होना चाहिए जहाँ open ventilation और direct access संभव हो।
- Balcony: तभी acceptable जब पूरी तरह open और unobstructed हो
- Terrace refuge: high-rise buildings में commonly accepted
- Separate refuge cell: सबसे audit-friendly option माना जाता है
Closed balcony या later enclosed refuge area audit में illegal alteration माना जाता है।
Refuge area design का यह logic Fire Evacuation Plan की philosophy से directly जुड़ा हुआ है।
रिफ्यूज एरिया तक पहुँच मार्ग के नियम
Refuge area तब ही effective होता है जब वहाँ तक पहुँचने का रास्ता safe, short और obstruction-free हो।
- Access route fire escape stair या lobby से connected हो
- Doors हमेशा unlocked और self-closing type हों
- कोई storage, grill या temporary blockage नहीं होना चाहिए
Access route design पर auditors विशेष ध्यान देते हैं, क्योंकि गलत access होने पर refuge area practically useless बन जाता है।
Technical intent को बेहतर समझने के लिए Bureau of Indian Standards (BIS) द्वारा जारी NBC-related references को high-trust source माना जाता है।
Refuge area layout में सबसे common rejection location नहीं, बल्कि access route और later modifications की वजह से होता है। Approved drawing जैसा on-site execution सबसे बड़ी compliance proof होती है।
Fire Safety Checklist: रिफ्यूज एरिया में कौन से उपकरण होने चाहिए?
Refuge area का उद्देश्य केवल रुकने की जगह देना नहीं होता, बल्कि आपातकाल में लोगों को सुरक्षित, दिखाई देने वाला और नियंत्रित वातावरण उपलब्ध कराना होता है। इसलिए यहाँ मौजूद safety provisions audit और real-life evacuation दोनों के लिए अहम होते हैं।
Fire Extinguishers और Fire Hydrant System का स्थान
Refuge area के पास आग बुझाने वाले यंत्र और building के fire water network से जुड़ा access available होना चाहिए।
- Extinguisher ऐसा हो जो nearby fire risk को cover कर सके
- Hydrant landing valve या hose reel का direct obstruction न हो
- Equipment placement evacuation movement में बाधा न बने
Emergency Lighting, स्पष्ट Signage और Communication System
Smoke या power failure की स्थिति में visual और communication support सबसे पहले fail होता है।
- Battery-backed emergency lights mandatory माने जाते हैं
- “REFUGE AREA” और direction signage clearly readable हो
- PA system, intercom या alarm audibility adequate हो
Adequate Ventilation और Fire-Resistant Doors / Windows
Refuge area का सबसे बड़ा safety factor fresh air circulation होता है।
- Natural या mechanical ventilation unobstructed हो
- Doors और windows fire-rated material के हों
- Smoke entry को limit करने का provision मौजूद हो
व्हीलचेयर यूजर्स और बुजुर्गों के लिए सुविधाएं
Modern fire safety planning में inclusive evacuation एक जरूरी concept बन चुका है।
- Wheelchair turning radius के लिए पर्याप्त space
- Non-slip flooring और handrails की व्यवस्था
- Elderly और children के लिए बैठने की safe व्यवस्था
Refuge area में उपकरणों की quantity से ज्यादा उनकी accessibility, visibility और usability audit में judge की जाती है। अच्छी planning panic को control करती है और safe evacuation का समय बढ़ाती है।

रिफ्यूज एरिया और स्टेयरकेस / फायर लिफ्ट में क्या अंतर है?
Fire safety planning में अक्सर लोग Refuge Area, Fire Exit Staircase और Fire-Fighting Lift को एक ही मान लेते हैं। यही भ्रम audit objection और emergency confusion का बड़ा कारण बनता है।
Refuge Area vs. Fire Exit / Staircase (भ्रम दूर करें)
| बिंदु | Refuge Area | Fire Exit / Staircase |
|---|---|---|
| मुख्य उद्देश्य | आपातकाल में अस्थायी सुरक्षित शरण | भवन से बाहर निकलने का रास्ता |
| उपयोग | ठहरने और स्थिति नियंत्रित करने के लिए | लगातार नीचे की ओर evacuation के लिए |
| ऊंची इमारतों में भूमिका | Mid-level safety buffer प्रदान करता है | Ground तक पहुँचने का primary route |
| Audit दृष्टिकोण | Mandatory (24m+ buildings) | Mandatory for all occupancies |
सरल शब्दों में, Refuge Area “रुकने की सुरक्षित जगह” है, जबकि Staircase “निकासी का रास्ता” होता है। दोनों का उद्देश्य अलग है, लेकिन दोनों एक-दूसरे को support करते हैं।
Refuge Area vs. Fire-Fighting Lift (Disabled / Elderly को कहाँ ले जाएँ?)
| बिंदु | Refuge Area | Fire-Fighting Lift |
|---|---|---|
| किसके लिए उपयुक्त | सभी occupants (temporary holding) | Disabled, elderly और rescue operations |
| Fire स्थिति में उपयोग | Immediate safe waiting zone | Fire brigade control में controlled use |
| Power dependency | Power पर निर्भर नहीं | Dedicated fire power supply जरूरी |
| Audit expectation | Clear access + no obstruction | Fire control panel integration |
Fire emergency में Disabled या elderly occupants को सीधे lift में भेजना हमेशा सुरक्षित नहीं होता। Practical approach यह है कि उन्हें पहले Refuge Area तक लाया जाए, जहाँ से fire brigade situation के अनुसार Fire-Fighting Lift का उपयोग करती है।
Refuge Area, Staircase और Fire Lift — तीनों का अलग-अलग role है। Audit में failure तब होता है जब एक व्यवस्था से दूसरी को replace करने की कोशिश की जाती है। सही fire safety design में ये तीनों systems मिलकर काम करते हैं।
NBC 2016 के अनुसार High-Rise Buildings में Safe Refuge Floor के नियम
किस ऊँचाई की इमारतों में यह सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होती है?
भारत में ऊँची इमारतों की fire safety के लिए National Building Code 2016 यह स्पष्ट करता है कि 24 मीटर से अधिक ऊँचाई वाली buildings में एक dedicated safe shelter floor होना चाहिए। इसका उद्देश्य emergency के समय occupants को बीच में ही सुरक्षित ठहराव प्रदान करना है।
Vertical distance का नियम क्यों रखा गया है?
पहला सुरक्षित shelter लगभग 24 मीटर की ऊँचाई पर और उसके बाद हर 15 मीटर के अंतराल पर दिया जाता है। यह spacing इसलिए रखी गई है ताकि evacuation के दौरान लोगों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े और smoke या heat से बचाव हो सके।
आग और धुएं के व्यवहार को ध्यान में रखकर बनाया गया प्रावधान
आग लगने पर धुआं तेजी से ऊपर की ओर फैलता है। ऐसे में बीच-बीच में दिया गया protected floor लोगों के लिए temporary safety buffer की तरह काम करता है, खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और mobility issues वाले occupants के लिए।
Residential और Commercial Buildings में क्या फर्क होता है?
Residential buildings में यह सुरक्षित क्षेत्र आमतौर पर कुल built-up area का एक सीमित प्रतिशत होता है। Commercial buildings में occupancy load अधिक होने के कारण local fire authority अतिरिक्त conditions लागू कर सकती है।
Official technical clarity के लिए इन भरोसेमंद sources को refer किया जा सकता है:
🔗
Bureau of Indian Standards (BIS)
🔗
National Building Code of India – NBC 2016
केवल designated shelter देना पर्याप्त नहीं है। उस तक जाने वाले रास्ते खुले, unlocked और obstruction-free हों — यही बात fire audit में वास्तविक preparedness को दर्शाती है।
Real-Life Case Studies & Examples
मुंबई और दिल्ली की हाई-राइज आग की घटनाओं से क्या सीखा गया?
पिछले कुछ वर्षों में मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में ऊँची इमारतों में लगी आग की घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि केवल fire equipment होना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि protected shelter floors का सही स्थान और डिजाइन जीवन सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभाता है।
जहाँ ऐसे सुरक्षित स्तर सही ढंग से उपलब्ध थे, वहाँ लोगों को नीचे उतरने की बजाय बीच में ही रुककर smoke और heat से बचने का मौका मिला। वहीं जिन इमारतों में यह व्यवस्था केवल कागज़ों तक सीमित थी, वहाँ evacuation में गंभीर कठिनाइयाँ देखी गईं।
सही और गलत डिजाइन का फर्क – ज़मीनी सच्चाई
Field observations से यह स्पष्ट हुआ है कि गलत design वाले emergency shelter areas अक्सर storage, grills या locked doors के कारण अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाते।
इसके विपरीत, अच्छी तरह से designed और unobstructed safe floors fire brigade के पहुँचने तक occupants को एक सुरक्षित buffer प्रदान करते हैं। यह फर्क केवल architectural नहीं, बल्कि सीधे जीवन और मृत्यु से जुड़ा हुआ होता है।
Emergency safety features का असली मूल्य ड्रॉइंग या approvals में नहीं, बल्कि वास्तविक घटना के दौरान उनके काम करने में होता है। Design जितना सरल और accessible होगा, evacuation उतनी ही सुरक्षित होगी।
रिफ्यूज एरिया का गलत इस्तेमाल (Misuse) और कानूनी दंड
क्या इस सुरक्षित स्थान को जिम, स्टोर या पार्टी एरिया बनाया जा सकता है?
कई residential और commercial buildings में यह देखा गया है कि designated emergency safety zone को जिम, फर्नीचर स्टोर, पार्टी स्पेस या personal extension के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह न केवल fire safety norms का उल्लंघन है, बल्कि आपातकाल में लोगों की जान को सीधे खतरे में डालने वाला कृत्य भी माना जाता है। ऐसे स्थानों का उद्देश्य केवल और केवल temporary refuge during fire emergency होता है — ना कि daily utility।
नियम तोड़ने पर बिल्डर और सोसाइटी पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
Safety regulations के अनुसार, अगर protected shelter space को authorized purpose के अलावा किसी और उपयोग में पाया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी builder, society management या facility operator पर तय की जाती है।
Fire audit और local authority inspection के दौरान ऐसे misuse को serious safety violation माना जाता है, जिसके परिणामस्वरूप notice, financial penalty, और extreme cases में occupancy restrictions तक लगाए जा सकते हैं।
Emergency safety zones का गलत उपयोग केवल compliance issue नहीं है — यह एक कानूनी जोखिम है, जिसका असर insurance claims और liability मामलों में भी सीधे दिखाई देता है।

फ्लैट खरीदारों और बिल्डिंग मालिकों के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
क्या रिफ्यूज एरिया के बगल वाला फ्लैट खरीदना सही है?
कई खरीदारों को यह चिंता रहती है कि emergency safety zone के पास स्थित फ्लैट future में किसी समस्या का कारण तो नहीं बनेगा। वास्तविकता यह है कि सही तरीके से design और maintained किया गया सुरक्षित क्षेत्र किसी भी तरह का daily nuisance नहीं बनता।
हाँ, खरीद से पहले यह verify करना जरूरी है कि वह जगह खुली, obstruction-free और केवल आपातकालीन उपयोग के लिए ही निर्धारित हो। गलत इस्तेमाल की स्थिति में पास के फ्लैट्स पर भी असर पड़ सकता है।
नई या पुरानी बिल्डिंग में Compliance कैसे जांचें?
खरीद या possession से पहले approved building plan, fire NOC और recent safety inspection report देखना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।
इसके अलावा, site visit के दौरान यह भी देखें कि designated safe area तक पहुँच का रास्ता खुला है या नहीं, और वहाँ कोई storage, partition या temporary construction तो नहीं किया गया।
क्या इसका maintenance charge common area में जोड़ा जाता है?
आमतौर पर ऐसे सुरक्षित स्थान common facilities का हिस्सा माने जाते हैं। इसलिए उनकी lighting, cleaning और basic upkeep का खर्च common area maintenance में शामिल किया जा सकता है।
हालाँकि, इसे commercial use में बदलना या किराए पर देना न तो कानूनी है और न ही society bye-laws के अनुसार स्वीकार्य।
फ्लैट खरीदते समय सिर्फ carpet area नहीं, बल्कि building की emergency readiness और safety compliance को भी उतनी ही गंभीरता से जाँचना चाहिए।
Conclusion : हाई-राइज बिल्डिंग में जान बचाने का अंतिम रास्ता
हाई-राइज इमारतों में आग लगने की स्थिति में हर व्यक्ति को तुरंत बाहर निकाल पाना हमेशा संभव नहीं होता। ऐसे समय में Refuge Area एक ऐसा सुरक्षित स्थान बनता है जो लोगों को कुछ समय के लिए आग, धुएँ और गर्मी से बचाकर रख सकता है।
National Building Code (NBC) में रिफ्यूज एरिया को केवल एक design feature नहीं, बल्कि life-saving safety provision माना गया है। गलत डिजाइन, blockage या misuse इस पूरे safety concept को बेकार बना सकता है।
बिल्डिंग मालिक, सोसाइटी और फ्लैट खरीदार — सभी की जिम्मेदारी है कि रिफ्यूज एरिया हमेशा खुला, साफ और उपयोग के लिए तैयार रहे। क्योंकि आपातकाल में यही स्थान कई लोगों के लिए आखिरी सुरक्षित सहारा बन सकता है।
Refuge Area कोई luxury नहीं है। यह एक ऐसा safety zone है जो सही समय पर जान और संपत्ति दोनों की रक्षा करता है।
Frequently Asked Questions
रिफ्यूज एरिया का न्यूनतम साइज कितना होना चाहिए?
रिफ्यूज एरिया का साइज आमतौर पर उस फ्लोर के कुल built-up area का लगभग 4% रखा जाता है।उद्देश्य यह होता है कि आपातकाल में उस फ्लोर के लोग खड़े होकर सुरक्षित रूप से रुक सकें, न कि बैठने या रहने के लिए।
क्या बिल्डिंग बनने के बाद Refuge Area की लोकेशन बदली जा सकती है?
नहीं।
बिल्डिंग के approved plan में जो लोकेशन तय होती है, उसे बाद में बदलना आमतौर पर अनुमति के बिना अवैध माना जाता है।लोकेशन बदलने के लिए local authority और fire department की fresh approval जरूरी होती है।
रिफ्यूज एरिया में कितने लोगों के ठहरने की गणना होती है?
गणना उस फ्लोर के occupant load (उस फ्लोर पर रहने/काम करने वाले लोगों की संख्या) के आधार पर होती है।इसे स्थायी रहने की जगह नहीं माना जाता, बल्कि temporary safe holding area माना जाता है।
क्या रिफ्यूज एरिया तक पहुँच मार्ग हमेशा अनलॉक रहना चाहिए?
हाँ, हमेशा।रिफ्यूज एरिया तक जाने वाले दरवाज़े और रास्ते:
अनलॉक होने चाहिए
बिना किसी सामान या रुकावट के होने चाहिए
Blocked या locked access को fire audit में serious safety violation माना जाता है।
क्या इसमें टॉयलेट और पानी की सुविधा होनी चाहिए?
नहीं।
रिफ्यूज एरिया में:
टॉयलेट
किचन
स्टोरेजस्थायी
पानी की व्यवस्थाआवश्यक नहीं होती, क्योंकि यह जगह short duration emergency shelter के लिए होती है, न कि रहने के लिए।

